नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने पिछले 12 वर्षों के दौरान 5.56 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014 से जून 2026 तक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विभिन्न पदों पर ये नियुक्तियां की गई हैं, जिनमें अकेले दक्षिण रेलवे में 50,485 लोगों को रोजगार मिला है. यूपीए सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच 4.11 लाख नौकरियां दी गई थीं. रेल मंत्री ने कहा कि बदलते समय और नई तकनीकों के आगमन के साथ कर्मचारियों की जरूरतें भी बदलती हैं, उसी के अनुरूप अलग-अलग ज़ोन में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित कर भर्तियाँ निकाली जाती हैं.
संसद में टीटीई (TTE) पर काम के बढ़ते बोझ से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेलवे के नए दिशा-निर्देशों के तहत अब एक टीटीई को अधिकतम पांच एसी डिब्बों या तीन ‘चेयर कार’ व ‘स्लीपर’ डिब्बों की जिम्मेदारी दी जाती है. नांदेड़ से कांग्रेस सांसद रवींद्र वसंतराव चव्हाण द्वारा ट्रेनों में कर्मचारियों की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रेन में टीटीई की संख्या डिब्बों के प्रकार और संख्या पर निर्भर करती है. इस व्यवस्था से न केवल उपलब्ध कर्मचारियों का सही इस्तेमाल होता है, बल्कि यात्रियों की मदद और टिकट जाँच की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से चल पाती है.
इसके अलावा, राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे रद्द और प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) के टिकटों से होने वाली आय का कोई क्षेत्र-वार (ज़ोन-वार) रिकॉर्ड नहीं रखती है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों के लिए टिकट निरस्तीकरण और रिफंड के नियम सामान्य ट्रेनों से अलग तय किए गए हैं.
नियमों के अनुसार, यदि वंदे भारत स्लीपर या अमृत भारत एक्सप्रेस का कन्फर्म टिकट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 72 घंटे पहले रद्द कराया जाता है, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत शुल्क काटा जाएगा. वहीं, यदि टिकट प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले तक रद्द किया जाता है, तो 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी. इसके विपरीत, यदि ट्रेन के छूटने के तय समय से 8 घंटे से भी कम समय में टिकट रद्द कराया जाता है, तो यात्री को कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा.
